Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों ने कई उम्मीदवारों के राजनीतिक करियर में नई ऊर्जा भरी, लेकिन इन परिणामों का उत्साह कुछ विधायकों के लिए ज्यादा देर तक टिक नहीं पाया। चार नवनिर्वाचित विधायकों को अब पटना हाईकोर्ट से नोटिस मिल चुका है। टेकारी, मधुबनी, नरपतगंज और मोहिउद्दीननगर सीटों से विजयी उम्मीदवारों की जीत को अदालत में चुनौती दी गई है, जिससे उनका राजनीतिक उत्सव अचानक कानूनी लड़ाई में बदल गया है।
पटना हाईकोर्ट ने इन चारों विधायकों से नोटिस के जरिए जवाब तलब किया है। वरीय अधिवक्ता अवनीश कुमार की ओर से हारे हुए उम्मीदवारों ने याचिका दाखिल करते हुए आरोप लगाया है कि मतदान और मतगणना प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं। यह दावा किया जा रहा है कि कई सीटों पर जीत का अंतर संदिग्ध परिस्थितियों में बना, इसलिए चुनाव नतीजों की जांच कराना जरूरी है।
टेकारी में राजद के अजय कुमार ने पूर्व मंत्री और हम नेता अनिल कुमार को मामूली अंतर से हराया था। कुल मतगणना में अजय कुमार को 97,550 वोट मिले, जबकि अनिल कुमार को 95,492 वोट हासिल हुए। इस करीबी मुकाबले के बाद हारने वाले उम्मीदवार ने कोर्ट में दावा किया है कि मतगणना प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी रही और कई राउंड के परिणाम संदिग्ध रूप से बदले गए।
मधुबनी में रालोमो उम्मीदवार माधव आनंद की जीत को भी अदालत में चुनौती दी गई है। उन्होंने राजद के समीर महासेठ को बड़े अंतर से हराया, लेकिन राजद नेता गणेश कुमार ने आरोप लगाया है कि कई बूथों पर मतदान पैटर्न असामान्य था और परिणाम वास्तविक जनादेश को नहीं दर्शाता। माधव आनंद को 97,956 जबकि समीर महासेठ को 77,404 वोट मिले थे।
नरपतगंज में भाजपा विधायक देवंती यादव को नोटिस मिला है। राजद प्रत्याशी मनीष यादव का आरोप है कि कई बूथों पर उनके एजेंटों को रोका गया और वोटिंग के दौरान अनियमितताएं हुईं। चुनाव नतीजों के अनुसार देवंती यादव को 1,20,557 वोट मिले थे, जबकि मनीष यादव 95,204 पर सिमट गए। अब यह मामला भी अदालत की नजर में है।
इसी तरह मोहिउद्दीननगर सीट से भाजपा विधायक राजेश सिंह की जीत को राजद उम्मीदवार एजया यादव ने चुनौती दी है। चुनाव परिणाम में राजेश सिंह को 89,208 और एजया यादव को 77,526 मत मिले थे। याचिका में कहा गया है कि कई चरणों में मशीनों की सीलिंग और रेंडमाइजेशन प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई।






















