Bihar Election 2025: बिहार की सियासत इन दिनों गरमाई हुई है। एक ओर कांग्रेस और राजद सोमवार 17 अगस्त से 16 दिन की “वोट अधिकार यात्रा” की शुरुआत करने जा रहे हैं, वहीं ठीक उसी दिन दोपहर 3 बजे भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने दिल्ली के नेशनल मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस बुला ली है। चुनाव आयोग का यह कदम राजनीतिक हलकों में बड़े सवाल खड़ा कर रहा है क्योंकि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बिहार में SIR (Special Revision of Electoral Roll) विवाद और विपक्ष के आरोपों के बीच हो रही है।
हालांकि आयोग की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस के एजेंडे को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में कयास लगाए जा रहे हैं कि आयोग SIR से जुड़े विवादों और वोट कटौती के आरोपों पर सफाई दे सकता है। यह पहला मौका होगा जब SIR पर विपक्षी दलों के तीखे हमलों और जनता में उठ रहे सवालों के बाद चुनाव आयोग खुलकर मीडिया के सामने आएगा।
वोट अधिकार यात्रा और चुनाव आयोग की पीसी को जोड़कर देखा जा रहा है। कांग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह पहले ही कह चुके हैं कि यह यात्रा स्वतंत्रता आंदोलन जैसी ऐतिहासिक होगी। राहुल गांधी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव हर दिन इस यात्रा में जनता से जुड़ेंगे और SIR विवाद को लोगों के बीच ले जाएंगे। महागठबंधन का आरोप है कि 65 लाख मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित करने की साजिश रची जा रही है, जिसे रोकने के लिए यह आंदोलन जरूरी है।
उधर, भाजपा और एनडीए इस यात्रा को सिर्फ “राजनीतिक नौटंकी” बता रहे हैं। लेकिन चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय होना जब पूरा विपक्ष सड़क पर उतरने जा रहा है, एक बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। राहुल गांधी ने हाल ही में लोकसभा में चुनाव आयोग पर “वोट चोरी” का आरोप लगाया था और अब सबकी निगाहें इस प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं कि क्या आयोग इन आरोपों का जवाब देगा या फिर किसी और एजेंडे पर बात होगी।






















