बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) के प्रचार का आज अंतिम दिन रहा और NDA के दिग्गज नेताओं ने पूरे जोश और ताकत के साथ मैदान संभाल लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में जनसभाएं कर मतदाताओं को NDA के पक्ष में एकजुट होने की अपील की।
गया में आयोजित सभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार की दिशा और दशा जनता को तय करनी है। उन्होंने कहा, “भारत तभी विकसित राष्ट्र बनेगा जब बिहार विकसित राज्य बनेगा। हमें यह ठानना होगा कि बिहार को फिर से ‘जंगलराज’ में नहीं, बल्कि ‘विकासराज’ की राह पर ले जाना है।” राजनाथ सिंह का यह बयान साफ तौर पर विपक्षी गठबंधन पर सीधा निशाना था, जिसमें उन्होंने विकास बनाम अराजकता का मुद्दा जनता के सामने रखा।
अररिया में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “बिहार के सामने पहचान का संकट उन्हीं लोगों ने खड़ा किया, जिनका अतीत कलंकित रहा है।” उन्होंने मतदाताओं को चेताया कि “जो लोग आज बड़ी घोषणाएं कर रहे हैं, वे वही हैं जिन्होंने बिहार को अपराध और भ्रष्टाचार की पहचान दी थी।” योगी ने NDA सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि 14 नवंबर को जब EVM खुलेगी तो परिणाम NDA के पक्ष में आएंगे और बिहार एक बार फिर स्थिर सरकार का चुनाव करेगा।
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सीतामढ़ी में प्रचार कर रहे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को विकास का जरिया बताया। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने माता सीता की जन्मस्थली जनकपुरी धाम के लिए विशेष राशि स्वीकृत की है। यह धार्मिक पर्यटन न केवल बिहार की पहचान को नई ऊंचाई देगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त करेगा।” उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि “जिन्होंने वर्षों तक सत्ता में रहकर भी गरीबों और युवाओं के लिए कुछ नहीं किया, वे अब झूठे वादों के सहारे जनता को गुमराह कर रहे हैं।”
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजद और कांग्रेस पर तीखे प्रहार करते हुए कहा कि “जिन्होंने 55 साल तक देश को लूटा, वही आज आरक्षण और सामाजिक न्याय की बातें कर रहे हैं। महिला आरक्षण बिल को फाड़ने वाले लोग अब बहनों-बेटियों के हक की बात करते हैं।” चौधरी ने जनता से अपील की कि वे NDA के नेतृत्व पर भरोसा बनाए रखें, क्योंकि “यही गठबंधन बिहार को विकास के मार्ग पर आगे बढ़ा सकता है।”
विजय कुमार सिन्हा ने लालू यादव और तेजस्वी यादव को आड़े हाथों लेते हुए कहा, “जब तक बिहार पर लालू-तेजस्वी जैसी सोच का साया रहेगा, तब तक निवेशक यहां नहीं आएंगे। सजायाफ्ता व्यक्ति का पार्टी प्रमुख बने रहना लोकतंत्र का मजाक है।” उन्होंने कहा कि बिहार को ‘परिवर्तन नहीं, सुधार की निरंतरता’ चाहिए।






















