भागलपुर (Bhagalpur) और गोपालगंज (Gopalganj) में पिछले दिनों हुए बम ब्लास्ट मामले में एटीएस ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। पुलिस मुख्यालय को एटीएस (ATS) ने अपनी जांच रिपोर्ट में खुलासा किया है कि पिछले दिनों हुए बम ब्लास्ट का किसी भी प्रकार का कोई आतंकी कनेक्शन नहीं है। साथ ही भारी मात्रा में बारूद की सप्लाई दूसरे राज्यों से करने की बात को भी सिरे से नकार दिया गया है। एटीएस ने स्थानीय स्तर पर इतनी भारी मात्रा में बारूद को एक जगह इकठ्ठा करके रखने को लेकर संबंधित स्थानीय थानों और प्रशासन को दोषी ठहराया है। एटीएस ने अपने रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से माना है कि गोपालगंज और भागलपुर में हुई घटनाओं में काफी सामानता है।
विस्फोटक के अंश नहीं मिले
रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों मामलों में स्थानीय स्तर पर बारूद और उससे संबंधित अन्य सामग्री को भारी मात्रा में जुटाकर रखा गया था। रिपोर्ट में एटीएस ने खुलासा किया कि इसमें किसी प्रकार के उच्च क्षमता युक्त विस्फोटक के अंश नहीं मिले हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि दोनों मामले की जांच में सोडियम नाइट्रेट और सल्फर समेत ऐसे ही कुछ अन्य तत्व मुख्य रूप से मिले हैं। जिसे बारूद और उससे संबंधित अन्य सामग्री को स्थानीय स्तर के बाजार से ही थोड़ा-थोड़ा कर के कई बार में खरीदा गया था।
रख रखाव में लापरवाही
रिपोर्ट में एटीएफ ने भागलपुर और गोपालगंज में हुए बम विस्फोटों के कारणों को स्पष्ट करते हुए कहा है कि स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से पटाखा बनाने के लिए इन सामग्रियों का इकठ्ठा किया गया था। जिसके रख रखाव में भारी लापरवाही हुई। जिसकी वजह से इतना भयंकर विस्फोट हो गया। फिलहाल पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी इस रिपोर्ट की गहन अध्ययन और समीक्षा करने में लगे हैं।