पटना में शनिवार को बिहार की कानून व्यवस्था और पुलिस सुधार (Bihar Police Conference) को लेकर एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यस्तरीय पुलिस सम्मेलन 2026 की औपचारिक शुरुआत की। सरदार पटेल भवन स्थित पुलिस ऑडिटोरियम में दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन के साथ उन्होंने मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो और पृथक साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई का भी शुभारंभ किया। इस सम्मेलन को सूबे में पुलिस आधुनिकीकरण और साइबर सुरक्षा को नए स्तर पर ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है और इस लक्ष्य में पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों से अपराध नियंत्रण में ईमानदारी, तत्परता और सख्ती अपनाने की अपील करते हुए कहा कि समाज में कानून व्यवस्था और सुरक्षा की मजबूत रीढ़ केवल प्रभावी पुलिसिंग से ही संभव होती है। उन्होंने शराबबंदी से जुड़े मामलों, नशा नियंत्रण और साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों का जिक्र करते हुए इनके लिए विशेषज्ञ यूनिट्स बनाने को समय की जरूरत बताया।
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कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सम्मान में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने प्रतीक चिह्न और पौधा भेंटकर स्वागत किया। सम्मेलन के दौरान बिहार पुलिस की कार्यशैली, उपलब्धियों और तकनीकी सुधारों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसे उपस्थित अधिकारियों ने सराहा। इससे पहले मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल भवन स्थित जीविका दीदी की रसोई का निरीक्षण किया और भोजन व्यवस्था एवं संचालन से जुड़ी जानकारी ली।
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यह आयोजन केवल प्रोटोकॉल आधारित कार्यक्रम नहीं बल्कि अगले कुछ वर्षों में राज्य पुलिस के दिशा-निर्देश, प्रशिक्षण, साइबर तैयारी और जनसुरक्षा के रोडमैप को रेखांकित करने वाला मंच साबित हुआ। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, डीजीपी विनय कुमार सहित पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अधिकारी शामिल रहे। इसे बिहार में पुलिसिंग को डिजिटल और प्रोफेशनल मॉडल की ओर ले जाने वाली नई शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।






















