Nitish Kumar: पटना की सियासी फिजा मकर संक्रांति के दिन सिर्फ तिल-चूड़ा की खुशबू से नहीं, बल्कि मजबूत राजनीतिक संकेतों से भी महकती नजर आई। 1-व्हीलर रोड, शहीद पीर अली खां मार्ग स्थित लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश कार्यालय में आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा भोज में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी ने बिहार की राजनीति को एक स्पष्ट संदेश दे दिया कि एनडीए की अंदरूनी एकजुटता न सिर्फ कायम है, बल्कि आने वाले चुनावी दौर से पहले और सशक्त रूप में सामने आ रही है।
कार्यक्रम में पहुंचते ही मुख्यमंत्री का स्वागत लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने किया। यह दृश्य अपने आप में प्रतीकात्मक था, क्योंकि यह वही मंच है जहां से स्वर्गीय रामविलास पासवान की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प बार-बार दोहराया जाता रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्वर्गीय रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके सामाजिक न्याय, समरसता और गरीब-कल्याण के विचारों को याद किया।
राजनीतिक दृष्टि से यह कार्यक्रम केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं रहा। मकर संक्रांति के बहाने दही-चूड़ा भोज ने एनडीए के भीतर सामंजस्य और आपसी भरोसे का सार्वजनिक प्रदर्शन किया। खासकर ऐसे समय में जब विपक्ष लगातार गठबंधन की मजबूती पर सवाल उठा रहा है, मुख्यमंत्री की यह उपस्थिति उन तमाम अटकलों पर विराम लगाने वाली मानी जा रही है। चिराग पासवान और नीतीश कुमार की सहज बातचीत, मंच पर दिखती गर्मजोशी और नेताओं की सामूहिक मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए अपने राजनीतिक होमवर्क में जुट चुका है।
कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण मंत्री संजय कुमार सिंह, सांसद अरुण भारती, विधायक मुरारी प्रसाद गौतम, जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और विधान पार्षद संजय कुमार सिंह उर्फ गांधीजी सहित कई वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।






















