बिहार में नई सरकार के गठन के बाद अब विधानमंडल का पहला बड़ा शीतकालीन सत्र (Bihar Assembly Winter Session) शुरू होने जा रहा है, जिसे लेकर सत्ता और विपक्ष दोनों की निगाहें गड़ी हुई हैं। प्रदेश की राजनीतिक हलचल के बीच 1 दिसंबर से 5 दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस सत्र को लेकर पटना जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए विधानसभा परिसर और आसपास के क्षेत्रों में धारा 163 लागू कर दी गई है, जिससे किसी भी प्रदर्शन, जुलूस या सार्वजनिक विरोध कार्यक्रम पर सख्त प्रतिबंध रहेगा।

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पटना सदर के अनुमंडल पदाधिकारी गौरव कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, सत्र के दौरान विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों द्वारा अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन की आशंका रहती है। इस संभावना को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने साफ कहा है कि पांच या उससे अधिक व्यक्तियों का गैर कानूनी जमावड़ा, प्रदर्शन, जुलूस, घेराव, हथियारों के साथ या बिना रोशनी के धरना और किसी भी तरह की आक्रामक गतिविधि पर पूर्ण रोक होगी। इसके साथ ही आग्नेयास्त्र, विस्फोटक सामग्री, फरसा, गड़ासा, भाला, छुरा जैसे हथियारों के साथ घूमना भी अपराध माना जाएगा।
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जिला प्रशासन ने आदेश में स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाना भी प्रतिबंधित है। यह आदेश 1 दिसंबर से 5 दिसंबर 2025 तक प्रभावी रहेगा और विधानसभा सत्र की समाप्ति तक किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी। सत्र के दौरान सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है और आसपास के मार्गों पर भी ट्रैफिक नियंत्रण की रणनीति लागू की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि यह कदम विधायी कामकाज को बिना किसी व्यवधान के संपन्न कराने और शहर में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक है।






















