लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित दही-चूड़ा भोज के जरिए न सिर्फ सामाजिक सौहार्द का संदेश दिया, बल्कि बिहार से लेकर बंगाल तक की राजनीति पर अपनी पार्टी और एनडीए का स्पष्ट नजरिया भी सामने रखा। उन्होंने कहा कि यह भोज सभी वर्गों और दलों के लोगों के लिए आयोजित किया गया है और सभी को इसके लिए आमंत्रित किया गया है। चिराग पासवान ने उम्मीद जताई कि इस आयोजन में ज्यादा से ज्यादा लोग शामिल होंगे और आपसी मेलजोल के जरिए सकारात्मक वातावरण बनेगा।

तेज प्रताप यादव के भोज में तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी और उनकी बहन के शामिल न होने को लेकर पूछे गए सवाल पर चिराग पासवान ने संतुलित प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से एक पारिवारिक मामला है और इस पर ज्यादा टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है। उनका कहना था कि जब परिवार के मुखिया स्वयं कार्यक्रम में शामिल हो चुके हैं, तो इस विषय को राजनीतिक बहस का मुद्दा बनाना उचित नहीं है। तेज प्रताप यादव द्वारा यह कहे जाने पर कि उन्होंने कई बार चिराग पासवान को फोन किया लेकिन बात नहीं हो पाई, इस पर चिराग ने सहज अंदाज में कहा कि कभी-कभी व्यवस्थागत कारणों से फोन नहीं उठ पाता। उन्होंने आगे कहा कि फिर भी उनकी तरफ से तेज प्रताप यादव को शुभकामनाएं हैं।
जदयू के पूर्व कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह की जदयू में वापसी की अटकलों पर चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि यह फैसला पूरी तरह आरसीपी सिंह का है। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी नेता का राजनीतिक भविष्य किस दिशा में जाएगा, इसका अंतिम निर्णय उस पार्टी के नेतृत्व को करना होता है, और जदयू के मामले में यह अधिकार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास है।
कांग्रेस की स्थिति को लेकर चिराग पासवान का बयान काफी तीखा रहा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इतनी कमजोर हो चुकी है कि उसके विधायक अब पार्टी के कार्यक्रमों में भी शामिल नहीं हो रहे हैं। कांग्रेस द्वारा आयोजित चूड़ा-दही भोज में विधायकों की अनुपस्थिति पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि दूरी मायने नहीं रखती, असली महत्व एकजुटता और सामूहिक भावना का होता है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी पार्टी के भीतर गहरे असंतोष और नाराजगी का संकेत है, जिसके लिए किसी अतिरिक्त प्रमाण की जरूरत नहीं है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 16 जनवरी से शुरू होने वाली “समृद्धि यात्रा” को लेकर भी चिराग पासवान ने सकारात्मक रुख अपनाया। उन्होंने मुख्यमंत्री को इस यात्रा के लिए बधाई दी और कहा कि नीतीश कुमार की सोच हमेशा बिहार के विकास पर केंद्रित रही है। चिराग पासवान ने विश्वास जताया कि इस यात्रा के जरिए एनडीए सरकार जनता से किए गए विकास के वादों को पूरा करने की दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 और 18 जनवरी को प्रस्तावित पश्चिम बंगाल दौरे पर बोलते हुए चिराग पासवान ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में अब बदलाव का समय आ चुका है और वहां नरेंद्र मोदी की सोच वाली सरकार बनने जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा बंगाल सरकार ने अराजकता, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति को बढ़ावा दिया है, जिससे जनता में नाराजगी बढ़ी है। उनके अनुसार, बंगाल की जनता अब “सबका साथ, सबका विकास” की नीति को अपनाने के लिए तैयार है।
ममता बनर्जी द्वारा CAA के विरोध पर चिराग पासवान ने इसे विपक्ष की वही पुरानी रणनीति बताया, जो पहले राहुल गांधी ने बिहार में अपनाई थी। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता ने ऐसे विरोधों का जवाब एनडीए को प्रचंड बहुमत देकर दिया। चिराग पासवान का मानना है कि जब विपक्ष जनता से जुड़े अहम मुद्दों का विरोध करता है, तो उसका सीधा लाभ एनडीए को मिलता है। उन्होंने दावा किया कि यदि ममता बनर्जी CAA का विरोध जारी रखती हैं, तो बंगाल की जनता बिहार से भी बेहतर परिणाम देकर एनडीए के पक्ष में फैसला करेगी।






















