भारत की राजनीति में इन दिनों एक ऐसा विरोधाभास देखने को मिल रहा है जिसने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस को तेज कर दिया है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया दौरे (Modi Malaysia Visit) पर वहां के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से मुलाकात कर भारत की कूटनीतिक मित्रता और वैश्विक सहयोग का संदेश दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा का एक चुनावी वीडियो विज्ञापन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रतीकात्मक रूप से मुसलमानों को गोली मारते हुए दिखाए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। इस वीडियो को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे भारत की वैश्विक छवि से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजद सांसद मनोज झा ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस समय प्रधानमंत्री मोदी मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से गले मिलकर दोस्ती और सौहार्द का संदेश दे रहे थे, उसी समय असम के भाजपा मुख्यमंत्री का ऐसा वीडियो सामने आना एक गंभीर विरोधाभास को उजागर करता है। उन्होंने यह भी कहा कि आज की डिजिटल दुनिया में कोई भी दृश्य स्थानीय नहीं रहता, बल्कि पल भर में वैश्विक स्तर पर पहुंच जाता है और बिना संदर्भ के अलग-अलग अर्थों में देखा जाता है।
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उन्होंने एक्स पर लिखा है कि जिस क्षण भारत के प्रधानमंत्री मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से गले मिलकर सौहार्द, और कूटनीतिक मित्रता का संदेश दे रहे थे, ठीक उसी वक़्त असम के भाजपा मुख्यमंत्री का विडियो विज्ञापन सामने आता है, जिसमें वह एक ‘इब्राहिम’ को गोली मारते दीखते हैं।
आज की जुड़ी हुई दुनिया में छवियाँ स्थानीय नहीं रहतीं हैं। वे बिना संदर्भ, बिना स्पष्टीकरण के पल भर में सीमाएँ लांघ जाती हैं। जिसे देश के भीतर “चुनावी उग्रता” कहकर टाल दिया जाता है, वह वैश्विक स्तर पर पूर्वाग्रह और हमारी सत्ता-प्रतिष्ठान की नीयत के संकेत के रूप में पढ़ा जाता है। ऐसी राजनीतिक दृश्यावली भारत की घरेलू राजनीति के समकालीन व्याकरण की खतरनाक प्रवृतियों को पूरे विश्व में उजागर करती हैं।





















