आज संसद में वक्फ़ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) पेश किया जायेगा। इसको लेकर बिहार की राजनीति में खींचतान मची हुई है। सांसद मीसा भारती कल रात पटना से दिल्ली रवाना हुई। पटना एयरपोर्ट पर वक्फ बोर्ड संशोधन बिल पर किए गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि न्यूज़ चैनल के माध्यम से पता लगा है कि 2 अप्रैल को वक्फ संशोधन बिल पेश किया जा सकता है। हमारा स्टैंड क्लियर है शुरू से। हम लोग इसका विरोध कर रहे हैं। हम चाहते थे कि हमारे दल के किसी एक मेंबर को भी उसमें शामिल किया जाए लेकिन नहीं शामिल किया गया।
वक्फ संशोधन बिल पर तेजस्वी का हमला – ‘नागपुर का कानून नहीं चलेगा’
उन्होंने कहा कि हमारा वक्फ़ बोर्ड को लेकर स्टैंड क्लियर है, लेकिन JDU क्यों नहीं बताती उसका स्टैंड क्या है। वह पक्ष में है कि विरोध में है उनको बताना चाहिए। बिहार की जनता टुकटुकी लगाकर नीतीश कुमार की तरफ देख रही है। उन्होंने आगे कहा कि बिहार सरकार के मुख्यमंत्री कौन हैं, यही समझ में नहीं आ रहा है। नीतीश कुमार मुख्यमंत्री हैं भी या नहीं। उन्होंने एक बैठक का भी जिक्र करते हुए कहा कि आप लोग खुद देख लीजिए कि बैठक कौन ले रहा है। मुझे लगता है कि दिल्ली की जो जदयू है, वह पूरी तरह भाजपा की हो चुकी है।
वक्फ संशोधन बिल पर प्रशांत किशोर का हमला – “बिल से ज्यादा नीतीश कुमार पर उठेंगे सवाल!”
उन्होंने आशंका व्यक्त की है कि जेपीसी में जो संशोधन लाया गया है, वह भी सरकार शामिल नहीं करेगी। पाटलिपुत्र की सांसद मीसा भारती ने महागठबंधन में किसी तरह के मतभेद से इनकार करते हुए कहा कि महागठबंधन एकजुट है। हमारे गठबंधन की कोई चिंता न करे, जदयू और एनडीए अपनी चिंता करें। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि एनडीए में मुख्यमंत्री का उम्मीदवार कौन होगा? नेतृत्व में चुनाव लड़ना अलग बात है, लेकिन मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा?