मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न (Nitish Kumar Bharat Ratna) देने की मांग के बीच अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी भी खुलकर समर्थन में आ गए हैं। इससे पहले जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद के.सी. त्यागी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस सम्मान की औपचारिक मांग उठाई थी। त्यागी के पत्र के बाद मांझी के बयान ने इस विमर्श को और तेज कर दिया है।
केसी त्यागी ने नीतीश कुमार के लिए मांगा ‘भारत रत्न’.. JDU ने कहा- उनसे हमारा कोई सरोकार नहीं
त्यागी ने 8 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में नीतीश कुमार को समाजवादी आंदोलन का “बचा हुआ अनमोल रत्न” बताया और तर्क दिया कि जिस प्रकार चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को किसानों एवं वंचित तबकों के लिए काम करने पर सर्वोच्च सम्मान मिला, उसी तरह नीतीश कुमार ने भी उन आदर्शों को आगे बढ़ाया है। उन्होंने 30 मार्च 2024 की ऐतिहासिक घोषणा का उल्लेख करते हुए लिखा कि किसानों, शोषितों और हाशिये पर मौजूद लोगों के लिए कार्य करने वाले नेताओं को जीवित रहते भी यह सम्मान मिला है, ऐसे में करोड़ों लोगों की भावनाओं का सम्मान करते हुए नीतीश कुमार को भी यह सम्मान दिया जाना चाहिए।
त्यागी के पत्र के बाद इस विषय में नया मोड़ उस समय आया, जब जीतन राम मांझी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पर लिखा, “भारत रत्न नीतीश कुमार जी… ये शब्द सुनने में कितना अच्छा लगेगा ना।” मांझी ने यह उम्मीद भी जताई कि प्रधानमंत्री मोदी अपने फैसलों से कई बार चौंकाते हैं और इस बार भी बिहार को गर्व महसूस कराने का अवसर दे सकते हैं।

मांझी का यह समर्थन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे स्वयं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री रह चुके हैं और राजनीतिक रूप से नीतीश कुमार के साथ कई उतार-चढ़ाव देख चुके हैं। जदयू से अलग होकर अपनी पार्टी बनाने के बाद भी मांझी एनडीए में बने रहे और आज भी नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में उनके बेटे की अहम भूमिका है। इन सबके बावजूद उनके इस समर्थन ने इस राजनीतिक विमर्श को नया वजन दे दिया है।






















