बिहार की राजनीति एक बार फिर राष्ट्रीय पटल पर केंद्र में आ गई है। विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जनादेश हासिल करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar Delhi Visit) आज पहली बार दिल्ली दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं, बल्कि आने वाले राजनीतिक संकेतों और समीकरणों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ आज शाम करीब 3:30 बजे पटना से दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
दिल्ली पहुंचकर सीएम नीतीश की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात प्रस्तावित है। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद यह पहली सीधी उच्चस्तरीय मुलाकात होगी, जिस पर न सिर्फ बिहार बल्कि देश की सियासत की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में सरकार के अगले रोडमैप, केंद्र–राज्य समन्वय और विकास एजेंडे पर विस्तार से चर्चा हो सकती है।
गौरतलब है कि हालिया विधानसभा चुनाव में एनडीए ने बिहार में प्रचंड जीत दर्ज की है। कुल 203 सीटों के साथ गठबंधन ने स्पष्ट और मजबूत बहुमत हासिल किया। भारतीय जनता पार्टी 89 सीटों के साथ राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, जबकि जनता दल यूनाइटेड ने 85 सीटें जीतीं। इसके अलावा लोजपा (रामविलास) को 19, हम को 5 और रालोमो को 4 सीटों पर सफलता मिली। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पटना के गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं शिरकत की थी। उस मंच से एकता और स्थिरता का जो संदेश गया, उसी की अगली कड़ी के रूप में अब दिल्ली की यह मुलाकात देखी जा रही है।
हालांकि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक विवाद को लेकर भी राष्ट्रीय चर्चा में हैं। आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के दौरान एक महिला डॉक्टर के हिजाब को हटाने की घटना के बाद विपक्ष और सामाजिक संगठनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। इस मुद्दे पर देशभर में विरोध और बयानबाजी का दौर जारी है। ऐसे में नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री से होने वाली मुलाकात को सिर्फ चुनावी जीत के बाद की शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन और छवि प्रबंधन से जोड़कर भी देखा जा रहा है।






















