बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar Inspection) ने शुक्रवार को राजधानी पटना स्थित मुख्य सचिवालय का अचानक निरीक्षण किया, जिसने प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिवालय के विभिन्न विभागों—मुख्य सचिव कोषांग, मंत्रिमंडल कक्ष, वित्त मंत्री कार्यालय, अतिथि कक्ष सहित कई महत्वपूर्ण सेक्शनों की व्यवस्थाओं और कार्य प्रणाली का गहराई से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों से सीधे संवाद करते हुए कार्यालय अनुशासन और कार्यक्षमता को और अधिक बेहतर बनाने के निर्देश जारी किए।

सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार ने स्पष्ट रूप से कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय पहुंचें और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें, ताकि सरकारी काम समय से पूरा हो सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छ माहौल बनाए रखना प्राथमिकता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि सचिवालय परिसर को आकर्षक और व्यवस्थित दिखना चाहिए, इसके लिए पौधारोपण और हरियाली बढ़ाने की जरूरत है।
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निरीक्षण के दौरान उन्होंने आगंतुकों की सुविधाओं का ध्यान रखने और उनके बैठने की व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्य सचिवालय को आधुनिक, प्रभावी और व्यवस्थित प्रशासनिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर तुरंत कार्य शुरू किया जाए। यह निरीक्षण ऐसे समय आया है जब बिहार सरकार प्रशासनिक सुधारों और सुशासन को लेकर तेजी से कदम बढ़ा रही है, जिसे मुख्यमंत्री ‘गुड गवर्नेंस मॉडल’ का आधार मानते हैं।

निरीक्षण में मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त डॉ. एस. सिद्धार्थ, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्द्र, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, कुमार रवि, डॉ. चंद्रशेखर सिंह और विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह शामिल थे।





















