वक्फ़ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है। बुधवार को लोकसभा और गुरुवार को राज्यसभा में पेश किए जाने वाले इस बिल पर सत्ता पक्ष और विपक्ष में टकराव तय माना जा रहा है। संसद की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में यह तय किया गया कि प्रश्नकाल के बाद दोपहर 12 बजे बिल को सदन में लाया जाएगा। इस पर जेपीसी द्वारा सुझाए गए 20 संशोधनों पर आठ घंटे की चर्चा होगी, जिसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू जवाब देंगे।
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बीजेपी ने इस विधेयक को पास कराने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं एनडीए के सहयोगी दलों जैसे जनता दल (यूनाइटेड) और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) ने भी इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाई है। दूसरी ओर, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ ने इस बिल का पुरजोर विरोध करने की रणनीति तैयार कर ली है। सबकी नजरें एनडीए के अहम सदस्य जेडीयू पर भी हैं। पार्टी के मुखिया ने भी इसको लेकर अपने सांसदों को सख्त संदेश जारी किया है।

जनता दल यू (JDU) की तरफ से व्हिप जारी किया गया है। पार्टी के मुख्य सचेतक सुनील कुमार ने लेटर जारी कर सभी सांसदों से कहा है कि 2,3 और 4 अप्रैल को लोकसभा में एक अहम महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने वाली है एवं सांसद से पारित करने के लिए जनता दल यू के सभी लोकसभा सदस्य चर्चा के दौरान सदन के अंदर उपस्थित रहे तथा सरकार का समर्थन करें।
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JDU के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सांसदों को सख्त संदेश देते हुए कहा, “हमें इस विधेयक का समर्थन करना चाहिए। यह गरीबों को न्याय दिलाने और देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए है। यह धारणा कि यह किसी एक धर्म के खिलाफ है, पूरी तरह से मिथक है।