पटना जिले में किसानों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिले की सभी 322 पंचायतों में फार्मर रजिस्ट्री (Patna Farmer Registry) का कार्य अब मिशन मोड में किया जा रहा है, ताकि कोई भी किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रह जाए। इसी क्रम में 17 जनवरी से 21 जनवरी तक द्वितीय चरण का पंचायत स्तरीय कैंप आयोजित किया जा रहा है, जहां किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन और यूनिक फार्मर आईडी तैयार की जा रही है।
जिलाधिकारी पटना ने इस अभियान को पूरी तरह सफल बनाने के लिए प्रशासनिक मशीनरी को सक्रिय कर दिया है। जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पंचायत राज पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड स्तर के वरीय नोडल अधिकारी, अपर समाहर्ता और उप विकास आयुक्त को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे गांव-गांव सघन जन-जागरूकता अभियान चलाकर किसानों को कैंप तक पहुंचाएं। प्रशासन का फोकस सिर्फ रजिस्ट्रेशन नहीं, बल्कि एग्री स्टैक परियोजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना है।
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प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पहले चरण का कैंप 6 जनवरी से 11 जनवरी तक सफलतापूर्वक आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री करवाई। इसी सकारात्मक प्रतिक्रिया को देखते हुए अब दूसरे चरण की शुरुआत की गई है, ताकि शेष किसानों को भी इस डिजिटल व्यवस्था से जोड़ा जा सके। जिलाधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे कैंप में पहुंचकर अपना फार्मर रजिस्ट्रेशन अवश्य कराएं और फार्मर आईडी बनवाकर कृषि विभाग की योजनाओं का पारदर्शी और सुचारू लाभ लें।
फार्मर रजिस्ट्री को आसान और सुलभ बनाने के लिए सरकार ने कई विकल्प उपलब्ध कराए हैं। पंचायत कैंप के अलावा सभी सीएससी और वसुधा केंद्रों पर भी यह सुविधा दी जा रही है, जहां किसान अपने दस्तावेजों के साथ पहुंचकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इतना ही नहीं, डिजिटल रूप से सक्षम किसान घर बैठे ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी फार्मर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं, जिससे समय और संसाधन दोनों की बचत हो रही है।
किसानों को किसी भी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक परेशानी न हो, इसके लिए हेल्पलाइन व्यवस्था भी मजबूत की गई है। कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के हेल्पलाइन नंबर सक्रिय हैं, जहां किसान अपनी समस्या दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर तैनात कृषि अधिकारियों, कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों को भी किसानों की सहायता के लिए तैयार रखा गया है।
















