Patna Murder Case: पटना से सामने आई एक सनसनीखेज वारदात ने रिश्तों की नींव पर खड़े भरोसे को झकझोर कर रख दिया है। जानीपुर थाना क्षेत्र के गजवक मोहम्मदपुर में हुई महिला की रहस्यमय हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने जो खुलासा किया है, उसने सभी को हैरान कर दिया। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई बाहरी अपराधी नहीं, बल्कि मृतका का पति ही निकला। अवैध संबंधों के शक और पैसों के लेन-देन को लेकर पनपे तनाव ने एक पति को इस हद तक धकेल दिया कि उसने अपनी पत्नी की हत्या के लिए 25 लाख रुपये की सुपारी दे डाली।
मृतका की पहचान माला देवी के रूप में हुई है, जो जहानाबाद जिले के पाली थाना क्षेत्र की रहने वाली थीं और सुबोध शर्मा की पत्नी थीं। 11 जनवरी को माला देवी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में यह मामला पूरी तरह से अंधेरे में था और हत्या के पीछे किसी संगठित आपराधिक गिरोह की आशंका जताई जा रही थी, लेकिन पटना पुलिस ने तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के जरिए 48 घंटे के भीतर पूरे मामले की परतें खोल दीं।
पटना पश्चिम के पुलिस अधीक्षक भानु प्रताप सिंह के अनुसार, जांच में यह सामने आया कि माला देवी के कथित तौर पर कई लोगों के साथ निजी संबंध थे और कुछ वित्तीय लेन-देन को लेकर भी विवाद चल रहा था। इन्हीं बातों को लेकर पति-पत्नी के रिश्तों में लंबे समय से तनाव था। शक और अविश्वास का यह जहर धीरे-धीरे इतना गहरा होता चला गया कि सुबोध शर्मा ने पत्नी को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
पुलिस के मुताबिक, सुबोध शर्मा ने अपने पुराने परिचित कुणाल किशोर को इस वारदात में शामिल किया, जो पहले एक होटल में काम करता था। हत्या के बदले 25 लाख रुपये की सुपारी तय की गई, जिसमें से कुछ रकम अग्रिम तौर पर दे दी गई थी। योजना के तहत 11 जनवरी को माला देवी को जमीन दिखाने के बहाने गजवक मोहम्मदपुर बुलाया गया। वहां से उन्हें एक सुनसान इलाके में ले जाया गया, जहां गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई और आरोपी मौके से फरार हो गए।
मामले की जांच में पुलिस ने कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन और आरोपियों के आपसी संपर्कों का बारीकी से विश्लेषण किया। इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर सबसे पहले कुणाल किशोर को जहानाबाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद हुआ। इसके बाद उससे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता सुबोध शर्मा को भी हिरासत में ले लिया।
फुलवारीशरीफ के एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल ने इस पूरे हत्याकांड का खुलासा किया है। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी, किसी अन्य सहयोगी की भूमिका और पूरे आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।






















