दिल्ली की Rouse Avenue Court में सोमवार को सुनवाई के दौरान, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi ने अपनी चार लंबित मामलों, जिनमें IRCTC-होटल घोटाले और ‘लैंड फॉर जॉब’ जैसी भ्रष्टाचार संबंधी जांचें शामिल हैं को वर्तमान जज से हटाकर किसी अन्य कोर्ट में ट्रांसफर करने की याचिका पर दलीलें पेश कीं। उनकी ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील ने अदालत से कहा कि जिस न्यायालय में सुनवाई चल रही है, उस पर भरोसा समाप्त हो गया है। उनके अनुसार, जो कार्रवाई पहले हो चुकी है, वह पूर्वाग्रह और पक्षपात को दर्शाती है।
राबड़ी देवी की ट्रांसफर याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि विशेष न्यायाधीश Vishal Gogne, जिन्होंने हाल ही में उनके खिलाफ आरोप तय किए थे, “सोचे-समझे मन से” मुकदमे चला रहे हैं। याचिका में कहा गया है कि इस न्यायाधीश का दृष्टिकोण न्यायिक तटस्थता से कोसों दूर है और वे अभियोजन पक्ष के प्रति असंगत रूप से झुके हुए हैं। इसलिए उन्हें एक निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिल पाएगी।
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इस दौरान कोर्ट ने उनके आवेदन पर सीबीआई (Central Bureau of Investigation) समेत अन्य पक्षों से जवाब मांगा है। कोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सीबीआई अपना जवाब 6 दिसंबर तक दाखिल करे। अगली सुनवाई अब 9 दिसंबर को होगी। फिलहाल, याचिका पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।
इस पूरे परिवेश में, राबड़ी देवी का कहना है कि पूर्वाग्रहित सुनवाई उनके और उनके परिवार के लिए न्याय के अवसर को प्रभावित कर सकती है। वहीं, अदालत द्वारा केस ट्रांसफर याचिका पर अभी तक राहत न देना और अगली सुनवाई का टालना, यह संकेत दे रहा है कि मामले का पूरा फैसला कुछ समय बाद ही हो पाएगा।





















