Bhiwadi factory blast: राजस्थान के भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक केमिकल पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण धमाकों ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। मंगलवार को फैक्ट्री के भीतर एक के बाद एक जोरदार विस्फोट हुए, जिनके बाद आग ने विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में अब तक सात मजदूरों की जिंदा जलकर मौत की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें से पांच मजदूर बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और फैक्ट्री परिसर से काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा।
हादसे के समय फैक्ट्री में लगभग 25 मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट इतने तेज थे कि आसपास का इलाका दहल उठा। आग की लपटों ने कुछ ही मिनटों में पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। कई मजदूर झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव कार्य के लिए करीब दस दमकल गाड़ियों को मौके पर लगाया गया और लगभग छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बावजूद फैक्ट्री के भीतर से जले हुए कंकाल निकाले जा रहे हैं, जिससे हादसे की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस दुर्घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मरने वालों में बिहार के मजदूर बड़ी संख्या में शामिल हैं। पूर्वी चंपारण जिले के शिकारगंज थाना क्षेत्र के हराज नारायणपुर गांव निवासी शिवजी पासवान के बेटे सुजंत कुमार और घोड़ासहन थाना क्षेत्र के कवईया गांव निवासी सिकंदर पासवान के बेटे मिंटू पासवान की पहचान हो चुकी है। दोनों की उम्र करीब 20 से 22 वर्ष के बीच बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, सुजंत होली पर घर लौटने वाला था और उसके आने की तैयारी चल रही थी। घर में त्योहार की खुशियों की जगह अब मातम छा गया है।
परिजनों को घटना की सूचना राजस्थान में रह रही रिश्तेदारों के माध्यम से मिली। जैसे ही मौत की खबर गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। गांव की महिलाएं रो-रोकर बेहाल हैं और हर घर में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर मजदूरों की सुरक्षा को लेकर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके से बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए राजस्थान की फैक्ट्रियों में काम करते हैं, लेकिन वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाता।
प्रत्यक्षदर्शियों और सामने आए सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक फैक्ट्री में चार बड़े धमाके हुए, जिसके बाद आग ने तेजी से फैलकर पूरे परिसर को घेर लिया। मजदूरों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ लोग किसी तरह बाहर भागने में सफल हुए, लेकिन कई अंदर ही फंस गए। आग बुझने के बाद जब मलबा हटाया गया तो अंदर से जले हुए शवों के अवशेष मिले। यह दृश्य इतना भयावह था कि बचावकर्मी भी सन्न रह गए।
हादसे पर देशभर में शोक व्यक्त किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने इस दर्दनाक घटना पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने घायलों के बेहतर इलाज और घटना की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी और यदि लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।




















