राहुल गांधी की ‘वोट अधिकार यात्रा’ के बाद चुनाव आयोग ने रविवार को प्रेस वार्ता की। इस प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने ‘वोट चोरी’ के आरोप से लेकर कई अन्य सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बिहार में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की प्रक्रिया पर उठाए गए सवालों पर भी जवाब दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना सारे सवालों का जवाब दिया। मुख्य चुनाव आयुक्त ने वोटर के फोटो, नाम और पहचान सार्वजनिक करने पर नाराजगी जताई।
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वहीं विपक्ष ने चुनाव आयोग के प्रेस कांफ्रेंस पर निशाना साधा। राजद नेता मृत्युंजय तिवारी ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा कि चुनाव आयोग भाजपा आयोग बनकर केंद्र सरकार द्वारा लिखी गई स्क्रिप्ट को न पढ़े, उसे निष्पक्ष चुनाव कराना चाहिए। जब सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश आया है, तब चुनाव आयोग प्रेस कॉन्फ्रेंस करने के लिए उपस्थित हुआ है। वोट चोरी का मामला स्पष्ट रूप से दिखा है और राहुल गांधी और तेजस्वी यादव ने इसे उजागर किया है। चुनाव आयोग को राजनीति नहीं करनी चाहिए। उनके कथनी और करनी में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि उनका दोहरा चरित्र है। इतने दिनों के बाद आप जागे हैं और आप प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सफाई दे रहे हैं।
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RJD नेता मनोज झा ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा, यह संस्था (चुनाव आयोग) संविधान से पैदा हुई है, संविधान नहीं हैं। मैं उनसे (ज्ञानेश कुमार से) अनुरोध करूंगा कि वे सुकुमार सेन का स्मरण करें। आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसी भी ज्वलंत सवाल का जवाब नहीं मिला, संविधान के नाम पर संविधान की धज्जियां नहीं उड़ाई जा सकतीं।
कांग्रेस नेता राजेश ठाकुर ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा, “मुख्य चुनाव आयुक्त का प्रेस को संबोधन अपने आप में विवादास्पद है। उन्होंने पहले अपनी सफाई दी कि हम किसी पक्ष के नहीं है, सबके समकक्ष हैं। उन्होंने कुछ भी ठोस नहीं कहा। अगर मतदान हो रहा है, तो उसमें निजता का उल्लंघन कैसे हुआ? जब प्रधानमंत्री और अन्य सभी नेता मतदान करने जाते हैं, तो यह कैमरे पर दिखाई देता है, लेकिन जब कोई आम नेता जाकर मतदान करता है और यह दिखाया जाए तो यह निजता का उल्लंघन होगा। आप अप्रासंगिक बातें कर रहे हैं।
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भारतीय चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, “क्या ज्ञानेश गुप्ता(मुख्य चुनाव आयुक्त) ने उन 1 लाख वोटर्स के बारे में कोई जवाब दिया जिन्हें हमने महादेवपुरा में बेनकाब किया था। हमने उम्मीद की थी कि आज ज्ञानेश कुमार गुप्ता हमारे प्रश्नों के उत्तर देंगे।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर कहा, “मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि चुनाव आयुक्त को निष्पक्ष चुनाव कराने का संवैधानिक अधिकार है तो क्या निष्पक्ष चुनाव हो रहे हैं? क्या मतदाता सूची निष्पक्ष रूप से तैयार हो रही है? जिस तरह से भाजपा के पास वोटर लिस्ट की सॉफ्ट कॉपी उपलब्ध है, हमारे पास क्यों नहीं है, क्या यही निष्पक्षता है? आज राहुल गांधी ने इन्हीं सवालों के साथ मतदाता अधिकार यात्रा शुरू की है। वे इनका जवाब नहीं दे रहे हैं और हम पर आरोप लगा रहे हैं।”






















