केंद्र सरकार ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ़ बोर्ड संशोधन विधेयक पेश कर दिया है। बीजेपी के नेतृत्व में जहां एनडीए वक्फ बिल को पास कराने के लिए एकजुट है तो वहीं विपक्ष सरकार से तीखे सवाल पूछ रहा है। वक्फ संशोधन विधेयक पर आरजेडी नेता सुधाकर सिंह ने बीजेपी पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि बीजेपी खुद को अल्पसंख्यक समाज का हितैषी बताती है, लेकिन उनके पास एक भी मुस्लिम सांसद नहीं है। सुधाकर सिंह ने यह भी कहा कि यह विधेयक संविधान के मूल्यों के खिलाफ है और बीजेपी पर भरोसा नहीं किया जा सकता है।
वहीं सपा सांसद मोहिब्बुल्लाह बोले- हम इस बिल का विरोध करते हैं। ये सूफियों-ऋषियों और मुनियों का देश है और आप दुआ करने से रोक रहे हैं। अब इमाम को अपने इमाम होने का सबूत देना होगा। 100 साल पुरानी मस्जिद बाकी है और 600 साल पुरानी मस्जिद का कागज नहीं है तो वो वक्फ संपत्ति नहीं होगी। क्या है ये बदलाव। इससे क्या संदेश जाएगा। सांसद मोहिबुल्लाह ने कहा, “हमें अपने संविधान के अनुसार किसी भी धर्म का पालन करने की अनुमति दी गई थी. यह विधेयक समानता और धर्म के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है और इसे देश का दूसरा सबसे बड़ा बहुमत कभी स्वीकार नहीं करेगा।
वक्फ अधिनियम इन वक्फ बोर्डों को वैधानिकता देने के लिए लाया गया था, न कि इन निकायों को दबाने के लिए। उन्होंने कहा, “हमारे देश में सूफी संतों की समृद्ध परंपरा है और आप हमारे प्रार्थना करने के अधिकार को खतरे में डाल रहे हैं। आप लोगों से मुस्लिम के रूप में पंजीकरण करने के लिए कह रहे हैं ताकि अगर कोई मुस्लिम नहीं है, तो कोई वक्फ नहीं होगा। वक्फ बोर्ड की स्वतंत्रता खत्म हो रही है क्योंकि प्रमुख की नियुक्ति सरकार करेगी। वे स्वतंत्रता संग्राम के योगदान को भी स्वीकार नहीं करते। अगर वे वक्फ को नहीं जानते तो वे वक्फ की रक्षा कैसे करेंगे?”
वक्फ बिल पर चर्चा करते हुए कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, जेडीयू भी कहती है, टीडीपी भी कहती है और सहयोगी दल भी कहते हैं कि हमने गलत यूजर को खत्म करने का काम कर दिया। माननीय अध्यक्ष जी, मैं इसकी धारा तीन और वन के बारे में बात करना चाहता हूं। इसके अंदर वक्फ यूजर था उसको हटा दिया गया। वक्फ की जमीनों पर सरकारी कब्जा है। हर शर्तें मुसलमानों पर लागू की जाती हैं। यह बिल संविधान विरोधी है।
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इमरान मसूद ने कहा, वक्फ बिल को ड्राफ्ट करने वालों को वक्फ की जानकारी ही नहीं। वक्फ को मुसलमान ही समझता है और जानता है। हर मुसलमान के लिए जो इसकी हैसियत है वो अपनी हैसियत के हिसाब से अपनी प्रॉपर्टी को या किसी भी चीज को अल्लाह की राह में वक्फ करता है और इस वक्त के जो ड्राफ्ट करने वाले लोग थे, जिन्होंने बिल ड्राफ्ट किया था, उनमें मैक्सिमम लोग थे जिनको वक्फ के बारे में जानकारी नहीं थी।