संसद के दोनों सदनों से वक्फ़ संशोधन बिल पास हो चुका है। जल्द ही राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद इस कानून को पूरे देश मे लागू कर दिया जाएगा। इस बिल का मुस्लिम संगठन विरोध कर रहे हैं वहीं विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर खुद को मुसलमानों का सबसे बड़ा हिमायती बताने में लगा है। वक्फ़ बिल के पास होने से बिहार में लगातार राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी हुई है। इस बिल को लेकर सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार निशाने पर हैं। राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव एवं एजाज अहमद ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
राजद प्रवक्ताओं ने कहा कि, नीतीश कुमार का सेक्युलर चेहरा कभी रहा ही नहीं है, वो सत्ता और स्वार्थ के लिए किसी हद तक समझौता कर लेते हैं। जिस तरह से वक्फ संशोधन विधेयक पर भाजपा के विचारों के साथ जदयू खड़ी हो गई इससे स्पष्ट होता है कि उनको हमेशा भाजपा को खुश करने की नीयत रही है और उसी के तहत वक्फ संशोधन विधेयक को जदयू ने समर्थन दिया है। इस तरह के समर्थन के बाद जदयू के अन्दर जो बेचैनी और विद्रोह की स्थिति है, उसे ये चाह कर भी रोक नहीं पायेंगे। क्योंकि ज्वालामुखी की तरह लोगों का गुस्सा सामने आ रहा है और यह गुस्सा एक बड़े विस्फोट के रूप में लोगों को देखने को मिलेगा।
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राजद प्रवक्ता ने कहा कि, बिहार का कमजोर तबका पिछड़ा, अति पिछड़ा टकटकी लगाकर इनकी इस हरकतों को देख रहा है। लोगों में सरकार के प्रति काफी गुस्सा है, जिसको सरकार चलाने की जिम्मेदारी मिली हुई है। वह मूकदर्शक बने हुए हैं और जिनको जिम्मेदारी नहीं है, वो अपनी भूमिका दिखा रहे हैं। राज्य के अन्दर अराजकता की स्थिति है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा की गई उस टिप्पणी से कहा जा सकता है कि बिहार में सरकार कैसे चल रही है, उनके मुखिया को ही नहीं पता होता है कि क्या हो रहा है?
उन्होंने कहा कि, राष्ट्रीय जनता दल वक्फ संशोधन विधेयक पर दोनों सदनों में विरोध तो किया ही अब इस मामले में लीगल प्लेटफार्म पर भी हम लोग जायेंगे और इसको किसी भी हालात में लागू नहीं होने देंगे। क्योंकि यह देश के संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है और एक वर्ग को निशाने पर रखकर बनाया गया बिल है। यह स्पष्ट रूप से दिखता है।
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जदयू को अब समाजवादी विचारधारा से अब कोई मतलब नहीं रह गया है। पांच लोग पार्टी और सरकार दोनों चला रहे हैं। आरजेडी ने पहली बार जदयू के नेताओं का खुलकर नाम लिया। ललन सिंह, विजय चौधरी और अशोक चौधरी और डीके बॉस बीजेपी के लिए काम कर रहे है। जदयू को अब समाजवादी विचारधारा से कोई मतलब नहीं। उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार के क्रियाकलाप और उनकी हरकते बता रही हैं कि वो अचेता अवस्था के प्रकाष्ठा पर पहुंच गए हैं, जिस तरह से बिहार में समानांतर सरकार चल रही है और कहीं न कहीं भाजपा और जदयू के केन्द्रीय मंत्री मिलकर इसका लाभ उठा रहे हैं यह स्पष्ट रूप से दिख रहा है। केन्द्रीय मंत्री और भाजपा के नेता पदाधिकारियों के साथ बैठक करके दिशा-निर्देश भी दे रहे हैं।