बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के उम्मीदवार के रूप में गुरुवार को नामांकन पत्र दाखिल किया। इस दौरान जमा किए गए हलफनामे में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 2.88 करोड़ रुपये घोषित की है, जिसमें पिछले पांच वर्षों में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है।
माथे पर तिलक, सिर पर टोपी… BJP विधायक के भाई ने ओवैसी की पार्टी से भरा नामांकन
कुल संपत्ति: 2.88 करोड़ रुपये (2020 में 2.83 करोड़ थी, जबकि 2024 में यह 3.58 करोड़ तक पहुंच गई थी)।चल संपत्ति: 91.65 लाख रुपये (2020 की तुलना में कमी)।अचल संपत्ति: 1.96 करोड़ रुपये (2020 में 1.6 करोड़, बढ़ोतरी हुई)।आय: वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 22.93 लाख रुपये, जिसमें 22.67 लाख टैक्स-मुक्त।
तेज प्रताप ने हलफनामे में बताया कि उनकी संपत्ति मुख्य रूप से कृषि, निवेश और पारिवारिक संपदा से जुड़ी है। पिछले पांच सालों में संपत्ति में उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन कुल मिलाकर मामूली बढ़ोतरी हुई है।हलफनामे के अनुसार, तेज प्रताप के खिलाफ 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो मुख्य रूप से राजनीतिक गतिविधियों, रैलियों और विवादों से संबंधित हैं। इनमें IPC की धाराएं जैसे 307 (हत्या का प्रयास), 333 (सार्वजनिक सेवक पर हमला), 353 (डराना), 504 (उकसाना) आदि शामिल हैं। कुछ मामलों में SC/ST एक्ट और महामारी अधिनियम की धाराएं भी लगी हैं। हालांकि, किसी मामले में उन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है और सभी लंबित हैं।






















