बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने एनडीए सरकार पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और झारखंड कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार ने दावा किया कि 2005 के बाद बिहार में अपराध 323% बढ़ गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए ने बिहार को अपराधियों का विश्वविद्यालय बना दिया है, जहां हर रोज 953 अपराध हो रहे हैं।
गुरुवार को सदाकत आश्रम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि विधानसभा चुनाव में किसी भी आपराधिक छवि वाले नेता को टिकट नहीं दिया जाएगा और गठबंधन सहयोगियों पर भी इसी नीति को अपनाने के लिए दबाव बनाया जाएगा।
बिहार में अपराध के चौंकाने वाले आंकड़े!
पूर्व सांसद और आईपीएस अधिकारी रह चुके अजय कुमार ने बिहार में अपराध की भयावह तस्वीर पेश की। उनके अनुसार 2005 में जहां कुल 1,07,664 अपराध दर्ज हुए थे, वहीं 2022 में यह संख्या 3,47,835 तक पहुंच गई। हर दिन औसतन 953 अपराध होते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 8 हत्याएं
- 33 अपहरण
- 136 जघन्य अपराध
- 55 महिला अपराध
- 28 महिलाओं के अपहरण
- 2 से अधिक दुष्कर्म
- 17 बच्चों के अपहरण
उन्होंने सवाल उठाया कि जब खुद पुलिसकर्मी ही राज्य में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता की सुरक्षा की क्या उम्मीद की जाए?
‘दलितों पर हो रहा अन्याय’ – कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार में दलितों के साथ अन्याय बढ़ा है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में दलितों, अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में तेजी आई है।
‘विधानसभा चुनाव में अपराधियों को टिकट नहीं’ – कांग्रेस की सख्त रणनीति
अजय कुमार ने कहा कि कांग्रेस विधानसभा चुनाव में अपराधियों को टिकट नहीं देगी। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर गंभीर है और गठबंधन सहयोगियों को भी इस पर ध्यान देने के लिए कहेगा। उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में पुलिस की दो लाख पदों की क्षमता है, लेकिन अब तक सिर्फ एक लाख पदों पर ही भर्ती की गई है।