गुरुवार देर रात, 12 घंटे की लंबी बहस के बाद राज्यसभा ने वक्फ़ संशोधन बिल को मंजूरी दे दी। बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े। इससे पहले बुधवार को यह बिल लोकसभा से भी पारित हो चुका था। अब यह बिल राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा। वक्फ़ बिल के पास होने से बिहार में लगातार राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी हुई है।
इस बिल को लेकर सबसे ज्यादा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार निशाने पर हैं। नीतीश कुमार की पार्टी जदयू ने वक्फ़ बिल का समर्थन किया है। इस बिल का समर्थन कर जेडीयू बुरी तरीके से फंस चुकी है। जेडीयू के मुस्लिम नेता लागातार पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं। 6 माह बाद विधानसभा का चुनाव होना है। चुनाव से पहले मुस्लिम नेता की नाराज हो गए है और पार्टी से इस्तीफा दे रहे हैं। इसी अफरा-तफरी के बीच जेडीयू ने पार्टी नेताओं की अहम बैठक बुला ली है।
नीतीश की मंत्री शीला मंडल ने बताया- वक्फ़ बिल से गरीब मुसलमानों को कितना होगा फायदा
चुनाव से पहले मुस्लिम नेताओं का पार्टी से किनारा करना जेडीयू के लिए भारी न पड़ जाए। वक्फ संशोधन बिल को लेकर पार्टी में विरोध के बीच प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने पार्टी के प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई है। बैठक में बिल को लेकर हो रहे साइड इफेक्ट का काट निकालने को लेकर रणनीति तय की जा रही है। किस तरीके से बिल को लेकर अल्पसंख्यकों के बीच जाना है, उसकी पूरी रणनीति बनाई जा रही है। बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता, मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के साथ-साथ प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा मौजूद हैं।
बता दें कि संसद में वक्फ़ बिल का समर्थन करने से जेडीयू के मुस्लिम नेता नाराज़ हैं और पार्टी में इस्तीफे का दौर शुरू हो गया है। पहले मोहम्मद कासिम अंसारी, मोहम्मद शाहनवाज मलिक, भोजपुर से पार्टी सदस्य मो. दिलशान राइन और अब जेडीयू के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी अलीग ने पार्टी से इस्तीफा दिया है।