गोवा के अरपोरा में नाइटक्लब (Goa Nightclub Tragedy) में हुआ भयावह हादसा राज्य के पर्यटन इतिहास पर एक गहरी चोट की तरह दर्ज हो गया है। देर रात हुए इस हादसे में 25 लोगों की मौत और छह लोग गंभीर रूप से घायल हुए। राज्य की राजनीति से लेकर पर्यटन सेक्टर तक, हर स्तर पर सवालों की बौछार शुरू हो चुकी है। गोवा कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित पाटकर ने इस घटना को केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि प्रशासनिक ढिलाई और राजनीतिक संरक्षण का परिणाम बताते हुए मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से तत्काल इस्तीफे की मांग कर दी है।

घटना के बाद अमित पाटकर ने कहा कि यह दिन गोवा के पर्यटन इतिहास का सबसे काला दिन है। मृतकों के प्रति शोक जताते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि इस नाइटक्लब पर पहले ही विध्वंस का आदेश जारी हो चुका था, लेकिन क्लब संचालकों ने कथित रूप से उच्च अधिकारियों से सांठगांठ कर कार्रवाई को रोक दिया। कांग्रेस का दावा है कि जब किसी अवैध संरचना को लेकर स्थानीय निकाय कार्रवाई का आदेश देती है, तो प्रशासन का दायित्व बढ़ जाता है कि वह ऐसी जगह किसी भी तरह की गतिविधि को अनुमति न दे।
Goa Nightclub Fire: लापरवाही की आग में गई 25 जानें, चार सैलानी भी शिकार; सुरक्षा मानकों की खुली पोल
पाटकर ने यह भी कहा कि सीएम प्रमोद सावंत ने खुद स्वीकार किया कि क्लब में अवैध गतिविधियां चल रही थीं और सुरक्षा मानकों का पालन नहीं हो रहा था। इससे साफ है कि प्रशासनिक तंत्र विफल हो चुका था, और यह विफलता 25 निर्दोष लोगों की जान ले गई। उन्होंने सवाल उठाया कि जांच की घोषणा तो हो गई, लेकिन जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या सिर्फ फाइलें खोलने से पीड़ितों को न्याय मिल पाएगा?
कांग्रेस का आरोप है कि यह हादसा सिस्टम की खामियों, राजनीतिक हस्तक्षेप और नियमों की अनदेखी का सम्मिलित परिणाम है। पाटकर ने कहा कि जब खुद मुख्यमंत्री मानते हैं कि नियमों का पालन नहीं हो रहा था, तो फिर प्रशासन की भूमिका पर गंभीर सवाल उठते हैं। उनके अनुसार, यह सिर्फ प्रशासनिक गलती नहीं, बल्कि एक ऐसी लापरवाही है जिसने 25 परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। पाटकर ने कहा कि नैतिक और राजनीतिक जवाबदेही के आधार पर मुख्यमंत्री और उन सभी मंत्रियों को तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, जिन्होंने इस क्लब को अनुमति देने में भूमिका निभाई।

इधर, गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ट्वीट किया- ‘मैं अरपोरा में हुई दुखद आग की घटना से पैदा हुए हालात की करीब से समीक्षा कर रहा हूं, इसमें 25 लोगों की जान चली गई है और 6 घायल हुए हैं। सभी 6 घायल लोगों की हालत स्थिर है और उन्हें सबसे अच्छी मेडिकल केयर मिल रही है। मैंने पूरी घटना की वजह का पता लगाने और ज़िम्मेदारी तय करने के लिए मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।’


















