[Team insider] झारखंड की राजनीति में इन दिनों हलचल सी मची हुई है। जहां एक और जेएमएम के विधायक अपने पार्टी के खिलाफ बागी नजर आ रहे हैं तो वहीं कांग्रेस के विधायक भी कांग्रेस कोटे से बने मंत्रियों से खुश नजर नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस के 4 विधायकों ने फिलहाल आपात बैठक कर नाराजगी जताई है। उनमें से इरफान अंसारी, बिक्सल कोंगाड़ी, उमाशंकर अकेला और राजेश कश्यप शामिल है। इन चारों विधायकों ने जेएससीए स्टेडियम धुर्वा में आपात बैठक की, जिसके बाद विधायकों ने कहा कि कांग्रेस के चारों मंत्री जनता के हितों के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे में चारों विधायकों ने आलाकमान से मिलकर शिकायत करने की बात भी कही है। वहीं दावा तो यही किया जा रहा है कि कांग्रेस के 13 (मंत्रियों को छोड़कर) में 9 विधायक अपने ही मंत्रियों के कार्यों से नाराज हैं।
मंत्रियों के खिलाफ कर चुके हैं शिकायत
बता दें कि विधायक इरफान अंसारी कुछ माह पहले ही कहा था कि पूर्व प्रभारी आरपीएन सिंह के समय यह फैसला हुआ था कि ढाई-ढाई साल के बाद कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा होगी। लेकिन आज तक किसी तरह की कोई समीक्षा नहीं हुई है। डॉ इरफान अंसारी एमबीबीएस डॉक्टर होने के नाते अपने को स्वास्थ्य मंत्रालय का हकदार मानते हैं, लेकिन मंत्री बन गये बारहवीं पास बन्ना गुप्ता, जो कि किसी विधायक को भाव भी नहीं देते। इससे पहले अपने मंत्रियों के खिलाफ इरफान, राजेश, उमा शंकर के साथ ममता देवी के.सी वेणुगोपाल से मिलकर अपने मंत्रियों के खिलाफ शिकायत कर चुके हैं।
अपने ही मंत्रियों के आगे पीछे घूमना पड़ता है : विक्सल
बैठक में शामिल चारों विधायकों में से विक्सल कोंगाड़ी ने कहा है कि जनता के कामों के लिए कांग्रेस पार्टी सत्ता में आयी थी। अगर हम इनके कामों की अनदेखी करेंगे, तो यह सही नहीं है। वहीं एक विधायक ने कहा है कि करीब ढाई साल सरकार की हो गयी है, पर हमारी भावना के अनुरूप विधायक काम नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री से पार्टी की शिकायत रहती है, पर हकीकत यही है कि हमें उनसे कोई शिकायत नहीं है। कांग्रेस विधायकों को अपने कामों के लिए अपने ही मंत्रियों के आगे पीछे घूमना पड़ता है।