[Team insider] राज्य के वर्तमान हालात को लेकर मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी ने लगातार राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर लगातार हमला बोल रही है और मामले के हस्तक्षेप को लेकर राज्यपाल कई बार गुहार लगा चुकी है। एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी ने राजभवन जाकर राज्यपाल से भारत के संविधान के अनुच्छेद 192 के तहत हेमंत सोरेन की अयोग्यता की मांग करने को लेकर गुहार लगायी है। याचिका में लिखा है कि झारखंड विधानसभा के सदस्य एवं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जो भारत के संविधान के अनुच्छेद 191(e) के तहत अयोग्य हैं, (जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 9 (ए) के तहत अयोग्य), की सदस्यता रद्द करने एवं कानून सम्मत कार्रवाई करे।
खनन योजना की स्वीकृति मांगी थी जो विचाराधीन थी
हेमंत सोरेन 2019 में हुए चुनाव में बरहेट निर्वाचन क्षेत्र से झारखंड विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। बाद में वे झारखंड के मुख्यमंत्री बने और आज तक इस पद पर हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री ने 2008 में ही अपने पक्ष में मौजा-अंगारा प्लॉट संख्या 482 में 0.88 एकड़ क्षेत्र में स्टोन माइनिंग लीज के संबंध में खनन योजना की स्वीकृति मांगी थी जो विचाराधीन थी।
भ्रष्टाचार या विश्वासघात के लिए बर्खास्तगी के लिए अयोग्यता
धारा 9(A): भ्रष्टाचार या विश्वासघात के लिए बर्खास्तगी के लिए अयोग्यता। एक व्यक्ति को अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा, यदि, और इतने लंबे समय तक, उसके द्वारा अपने व्यापार या व्यवसाय के दौरान उचित सरकार के साथ माल की आपूर्ति के लिए या किसी के निष्पादन के लिए एक अनुबंध किया गया है। उस सरकार द्वारा किए गए कार्य स्पष्टीकरण: इस धारा के प्रयोजन के लिए, जहां एक अनुबंध पूरी तरह से उस व्यक्ति द्वारा निष्पादित किया गया है जिसके द्वारा इसे उपयुक्त सरकार के साथ दर्ज किया गया है, अनुबंध को केवल इस तथ्य के कारण अस्तित्व में नहीं माना जाएगा कि सरकार ने नहीं किया है।